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बेंगलुरु का डोसा संकट में? LPG की कमी से रेस्तरां बंद होने की कगार!

By Ismail

Mar, 11, 2026, 1:16 IST

बेंगलुरु का डोसा संकट में LPG की कमी से रेस्तरां बंद होने की कगार!

भारत भर में रेस्तरां में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिसके कारण कई दुकानें मेन्यू कम कर रही हैं, कुछ बंद हो गई हैं और हजारों रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं। यह संकट ईरान-इज़राइल-अमेरिका युद्ध के कारण मध्य पूर्व की सप्लाई चेन में व्यवधान से हुआ है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत की लगभग 85-90% एलपीजी आयात प्रभावित हो रही है। सरकार ने घरेलू (डोमेस्टिक) सिलेंडर को प्राथमिकता दी है, जिससे कमर्शियल सप्लाई लगभग रुक गई है।

बेंगलुरु सबसे ज्यादा प्रभावित

बेंगलुरु के आइकॉनिक डोसा वाले रेस्तरां सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहे हैं। मशहूर विद्यार्थी भवन (लगभग 80 साल पुराना) रोजाना 1,800-2,000 डोसा बनाता है और 6-8 सिलेंडर इस्तेमाल करता है। संकट के कारण अब वे 4 तवे में से 2 बंद कर चुके हैं ताकि सिलेंडर थोड़ा ज्यादा चले। डोसा बनाने में स्थिर आंच की जरूरत होती है, जो गैस सबसे ज्यादा खर्च करती है। कई दुकानें अब डोसा, पूरी, तले हुए आइटम कम कर रही हैं या बंद कर रही हैं। ब्लैक मार्केट में 19 किलो सिलेंडर की कीमत 2,800-3,000 रुपये (सरकारी दाम 1,940 रुपये) पहुंच गई है। कई जगह स्टॉक सिर्फ 2-5 दिनों का बचा है।

अन्य शहरों की स्थिति

  • मुंबई: कई रेस्तरां रोजाना 3 सिलेंडर की जगह 2 पा रहे हैं या बिल्कुल नहीं मिल रहे। डोसा, पैन-एशियन खाने बंद हो रहे हैं। कुछ कोयले के तंदूर या इलेक्ट्रिक ओवन पर स्विच कर रहे हैं।
  • गोवा, गुरुग्राम, हिमाचल: सप्लाई पूरी तरह बंद, कई दुकानें बंद हो चुकी हैं या बंद होने वाली हैं।
  • सामान्य प्रभाव: तंदूरी खाने कोयले पर शिफ्ट हो रहे हैं, इंडक्शन या इलेक्ट्रिक इस्तेमाल हो रहा है (हालांकि कम प्रभावी), मेन्यू छोटा किया जा रहा है, खुलने का समय कम किया जा रहा है।

सरकार और संगठनों की प्रतिक्रिया

केंद्र सरकार का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, पैनिक न करने की अपील की गई है और एलपीजी उत्पादन 10% बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने सदस्यों को गैस बचाने की सलाह दी है – कम गैस वाले खाने को प्राथमिकता देना, स्टाफ को ट्रेनिंग देना आदि।

अगर सप्लाई नहीं बढ़ी तो हजारों रेस्तरां बंद हो सकते हैं, खासकर छोटे व्यवसाय और गरीब मजदूरों पर बड़ा असर पड़ेगा।