डांगावास हत्याकांड राजस्थान के नागौर जिले की एक जघन्य घटना है, जिसने वर्ष 2015 में पूरे देश को झकझोर दिया था। इस कांड में पीड़ित परिवारों के पांच परिजनों सहित कुल छह लोगों की हत्या कर दी गई थी। ग्यारह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 5 अगस्त 2026 को आए फैसले ने परिवारों को और भी आहत कर दिया, क्योंकि सभी चालीस आरोपी बरी हो गए। अब पीड़ित परिवारों का साफ सवाल है कि अगर सभी आरोपी निर्दोष हैं, तो उनके परिजनों की हत्या आखिर किसने की?
चंद्रशेखर आज़ाद जी इस न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए जयपुर पहुंचे हैं। वे साफ कह रहे हैं कि इतने वर्षों बाद भी पीड़ितों को न्याय न मिलना बेहद गंभीर और चिंताजनक बात है। पुलिस की कोई भी कार्रवाई उनकी आवाज़ को नहीं रोक सकती। डांगावास के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना उनका संकल्प है और यह संघर्ष आखिरी दम तक जारी रहेगा।
यह मामला सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। जब इतने लंबे समय बाद भी दोषियों को सजा नहीं मिलती, तो आम आदमी का विश्वास व्यवस्था पर डगमगा जाता है। आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं ताकि पीड़ित परिवारों को सही न्याय मिल सके।





