संयुक्त किसान मोर्चा के पश्चिम बंगाल इकाई के आह्वान पर सोमवार को कोलकाता में एक विशाल रैली और धरना आयोजित किया गया। रानी रासमोनी रोड पर किसानों ने इकट्ठा होकर अपनी कई मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने आलू, धान और जute के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने, उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति और कालाबाजारी रोकने की मांग की। इस दौरान किसानों ने सड़क पर ही आलू आठ रुपये प्रति किलो में बेचकर प्रतीकात्मक विरोध भी जताया।
प्रदर्शन में मनरेगा को फिर से लागू करने, 200 दिनों का काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की मांग प्रमुख रही। किसानों ने कृषि ऋण माफ करने, बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा देने और अनावश्यक मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण लगाने की भी अपील की। राशन कटौती वापस लेने और एसआईआर प्रक्रिया में वंचित पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने की बात भी कही गई।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी उठाई। विभिन्न जिलों से आए किसानों ने लाल झंडे लेकर मार्च निकाला और नारे लगाए। संगठन के अनुसार आलू के भंडारण की भारी मात्रा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि उत्पादन लागत के मुकाबले मिलने वाला मूल्य बहुत कम है।
यह धरना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चला, जिसमें दोपहर को जनसभा भी हुई। संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार से इन मांगों पर तुरंत ध्यान देने की अपील की। किसानों का कहना है कि बिना उचित मूल्य और सहायता के खेती घाटे का सौदा बन गई है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।




