नासा का आर्टेमिस-२ मिशन पूरी तरह सफल हो गया है। १० दिनों की ऐतिहासिक यात्रा के बाद चार सदस्यीय क्रू चंद्रमा की परिक्रमा करके पृथ्वी पर वापस आ गए हैं। कैलिफोर्निया तट के पास प्रशांत महासागर में १० अप्रैल को शाम ८:०७ बजे (ईस्टर्न टाइम) ओरियन स्पेसक्राफ्ट का “टेक्स्टबुक” स्प्लैशडाउन हुआ।
नासा ने बताया कि आर्टेमिस-२ मिशन १ अप्रैल को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था। कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडियन स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैंसन इस मिशन में शामिल थे। यह १९७२ के अपोलो मिशन के बाद चंद्रमा की ओर पहला क्रूड मिशन था। क्रू ने चंद्रमा के सबसे करीब लगभग ४,००० मील की दूरी तक पहुंचे और कुल ६,९५,०८१ मील से अधिक की यात्रा तय की।
स्प्लैशडाउन के बाद नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने क्रू को कैप्सूल से बाहर निकाला। सभी स्वस्थ और खुश दिखे। नासा के अधिकारी इस मिशन को “नए युग की शुरुआत” बता रहे हैं। नासा की एक्सप्लोरेशन सिस्टम्स डेवलपमेंट मिशन डायरेक्टरेट की डिप्टी एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर लॉरी ग्लेज ने कहा, “हम यह कर सके।” ओरियन प्रोग्राम मैनेजर हॉवर्ड हू ने कहा, “यह मानव मंगल अन्वेषण के नए युग की शुरुआत है।”
मिशन की सफल समाप्ति के साथ नासा ने २०२८ तक आर्टेमिस-४ मिशन में चंद्रमा की सतह पर इंसानों को उतारने का रास्ता और मजबूत कर लिया है। नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित खत्रिया ने कहा, “५३ साल पहले इंसान चंद्रमा छोड़कर आए थे। अब हम वापस आए हैं रहने के लिए। हम सिर्फ झंडा गाड़कर नहीं आएंगे, चंद्रमा पर स्थायी रूप से रहेंगे।”
इस मिशन में क्रू ने चंद्रमा के दूरवर्ती हिस्से की तस्वीरें लीं और भविष्य के आर्टेमिस मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा इकट्ठा किया। ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते समय करीब २५,००० मील प्रति घंटे की रफ्तार से आया और तापमान ५,००० डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच गया। हीट शील्ड ने इसे सुरक्षित रखा।
यह सफलता नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। यह चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति और भविष्य में मंगल ग्रह पर मिशन का रास्ता तैयार करेगी। क्रू अभी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में हैं और उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
आर्टेमिस-२: ऐतिहासिक उपलब्धियां
- लॉन्च: १ अप्रैल, २०२६
- कुल दूरी: ६,९५,०८१ मील
- स्प्लैशडाउन: १० अप्रैल, २०२६
- क्रू: रीड वाइजमैन (कमांडर), विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच, जेरेमी हैंसन
इस मिशन की सफलता ने मानव सभ्यता के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं। नासा अब अगले मिशनों की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।



