हैदराबाद में चुनावी नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का नोटिस चरण चल रहा है। जिन मतदाताओं को नोटिस मिलते हैं, उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। ये नोटिस मुख्य रूप से दो श्रेणियों में आते हैं—‘असामान्यता’ (Anomaly) और ‘मैपिंग नहीं’ (No Mapping)। सुनवाई के दिन मतदाता को निर्धारित केंद्र पर पहुंचना होता है और संबंधित दस्तावेज साथ लाने होते हैं।
केंद्र पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाता का विवरण ‘बीएलओ वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट’ और ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ में दर्ज करते हैं। इस प्रक्रिया में बीएलओ मतदाता के साथ सेल्फी भी लेते हैं। इसके बाद वे प्रस्तुत दस्तावेजों की फोटो खींचकर आधिकारिक चुनाव आयोग ऐप पर डेटा अपलोड करते हैं।
असामान्यता वाले नोटिस तब जारी किए जाते हैं जब मौजूदा चुनावी नामावली और पिछले एसआईआर रिकॉर्ड में विवरण मेल नहीं खाते। इनमें उम्र का अंतर, माता-पिता के नाम में भिन्नता, संतान के बीच कम अंतर जैसी कई विसंगतियां शामिल हैं। इसके अलावा जिन मतदाताओं ने गणना फॉर्म में 2002 के एसआईआर विवरण नहीं दिए, उन्हें भी नोटिस मिल रहे हैं।





