गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के धरने और भूख हड़ताल के दौरान एक विवादित घटना सामने आई है। निष्कासित छात्रों द्वारा प्रॉक्टर से बातचीत के दौरान कुछ छात्रों के उग्र होने और अभद्रता का आरोप लगाया गया। इस बीच मौके पर मौजूद सब इंस्पेक्टर ने छात्रों को धमकी भरे शब्दों में कहा कि “इतनी फोर्स मंगाऊंगा, ठंडा कर दूंगा। गोरखपुर पुलिस है ये, मैं बता दे रहा हूं।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो में दिख रही पुलिस अधिकारी की भाषा और अंदाज को लेकर लोगों में नाराजगी फैल गई। कई लोगों ने इसे पुलिस की गुंडागर्दी और अनुशासनहीनता का उदाहरण बताया। छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध को इस तरह से दबाने की कोशिश पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स पुलिस की कार्यशैली की आलोचना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि पुलिस को जनता की सेवा करनी चाहिए, न कि धमकी देनी चाहिए।
गोरखपुर पुलिस ने आधिकारिक बयान में कहा कि दिनांक 8 सितंबर 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में धरने पर बैठे निष्कासित छात्रों ने प्रॉक्टर और अन्य सदस्यों से वार्ता के दौरान उग्र होकर अभद्रता, धक्का-मुक्की और मारपीट का प्रयास किया। पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप कर प्रॉक्टर को सुरक्षित बाहर निकाला और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रकरण में जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह घटना एक बार फिर पुलिस और छात्रों के बीच तनाव को उजागर करती है। एक तरफ छात्रों का विरोध और दूसरी तरफ पुलिस का हस्तक्षेप, दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। वीडियो के वायरल होने से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग बढ़ गई है। जांच का नतीजा आने तक यह विवाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना रहेगा।





