मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में 15 सितंबर 2026 को एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। यह सभा मुख्य रूप से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विरोध में आयोजित की गई थी। ओवैसी ने कहा कि यूसीसी भारत की विविधता को खत्म करने की साजिश है और यह संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 तथा 29 का उल्लंघन करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म की स्वतंत्रता को समाप्त करके कोई कानून नहीं थोपा जा सकता।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार यूसीसी के नाम पर हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू सक्सेशन एक्ट जैसे कानूनों को गैर-हिंदुओं पर लागू करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि राज्य में लगभग 21 प्रतिशत आदिवासियों को यूसीसी से बाहर रखा गया है, लेकिन मुसलमानों को इसमें शामिल किया जा रहा है। उनके अनुसार यह 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने का प्रयास है।
जनसभा में ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के विवादित बयान पर भी तीखा हमला बोला। शर्मा ने कथित रूप से करोंद चौराहे से काजी कैंप पर मिसाइल लॉन्च करने की बात कही थी। ओवैसी ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे माई के लाल हैं तो बताएं कि कब मिसाइल लॉन्च करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अकेले काजी कैंप में खड़े रहेंगे और शहीद होने को तैयार हैं, लेकिन ऐसे लोगों के सामने सिर नहीं झुकाएंगे।
ओवैसी ने काजी कैंप के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के मुजाहिदीन जैसे काजी सैयद आबिद अली, वाजिद अली हुसैनी, खान शहादत अली खान और अन्य नामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस इलाके के लोगों ने देश की आजादी में योगदान दिया है और ऐसे बयान गलत हैं।
इसके अलावा ओवैसी ने केंद्र सरकार की पाकिस्तान नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान से टकराव हुआ तो ट्रंप के फोन पर रुके गए, जबकि ब्रह्मोस मिसाइलें और लॉन्च करनी चाहिए थीं। उन्होंने एनडीए के सहयोगी दलों से भी अपील की कि अगर वे भाजपा की विचारधारा से पूरी तरह सहमत नहीं हैं तो यूसीसी का विरोध करें। कुल मिलाकर यह जनसभा यूसीसी विरोध और सांप्रदायिक बयानों के जवाब में केंद्रित रही।





