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छात्र हॉस्टल संकट: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर सवाल

दिल्ली विश्वविद्यालय के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना ने एक बार फिर छात्रों की सुरक्षित रहने की समस्या को उजागर कर दिया है। इस हादसे में कई छात्र जान गंवा चुके हैं, जिनमें अर्पित जाज भी शामिल हैं। उनके परिवार की आँखों में आँसू और सवाल है – “उस मासूम की क्या गलती थी?” अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल उपलब्ध होते, तो शायद इतने सपनों वाले युवाओं को असुरक्षित पीजी में रहने के लिए मजबूर न होना पड़ता।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाते हुए सीधे मोदी सरकार से सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं? दिल्ली विश्वविद्यालय में दो लाख से ज्यादा छात्र हैं, लेकिन हॉस्टल बेड्स महज कुछ हजार ही उपलब्ध हैं। नतीजा यह है कि ज्यादातर छात्र पुरानी, भीड़भाड़ वाली और खतरनाक पीजी में रहने को मजबूर हैं। राहुल ने कहा कि सिस्टम की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने कई परिवारों के सपने छीन लिए हैं।

महिला छात्रों की समस्या और भी गंभीर है। इंदौर में एक छात्रा ने राहुल से पूछा था – “सरकार के पास दिया जलाने के पैसे हैं, तो हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?” गाँव से शहर पढ़ने आई लड़कियों को सुरक्षित जगह न मिलने के कारण भारी किराया चुकाना पड़ता है। कई तो सिर्फ रहने की जगह न होने के कारण पढ़ाई छोड़ देती हैं। हाउसिंग अलाउंस भी महंगाई के हिसाब से नहीं बढ़ता और भ्रष्टाचार की चपेट में आ जाता है।

यह मुद्दा सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। पूरे देश में छात्र सुरक्षित और सस्ती आवासीय सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए भेजते हैं, न कि जान जोखिम में डालने के लिए। अब जरूरत है कि सरकार जल्दी ठोस कदम उठाए, नए हॉस्टल बनाए और मौजूदा पीजी की सुरक्षा जाँच सख्ती से करे, ताकि कोई और परिवार ऐसी त्रासदी का शिकार न बने।

From PTI

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