उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद का एक छोटा हिस्सा हटाने को लेकर सोमवार सुबह तनाव बढ़ गया। करीब 650 साल पुरानी बताई जा रही इस मस्जिद का हिस्सा गोपाल मंदिर मार्ग पर आने वाला था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पहले याचिकाएं खारिज कर दी थीं। रात में शहर काजी और मस्जिद कमेटी से सहमति बनी कि प्रभावित हिस्सा खुद मुस्लिम समाज हटाएगा, लेकिन सुबह अफवाहों के कारण बड़ी भीड़ जमा हो गई।
भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें एक महिला टीआई घायल हो गईं। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति नियंत्रित की। इलाके में हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए और कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, जिनमें सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले भी शामिल हैं। बाद में तनाव कम होने पर मुस्लिम समुदाय के लोग खुद मस्जिद के प्रभावित हिस्से को तोड़ने लगे।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था केवल बैकअप के लिए थी और काम मस्जिद कमेटी स्वयं कर रही है। प्रशासन का कहना है कि केवल तीन फुट का हिस्सा हटाया जा रहा है और मीनार को अंदर शिफ्ट किया जाएगा। शहर काजी ने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। इस तरह विवाद अस्थायी रूप से शांत हुआ, लेकिन सिंहस्थ की तैयारियों में धार्मिक स्थलों को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है।




