उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने 600 मिलीमीटर कैलिबर के कई रॉकेट लॉन्चरों (multiple rocket launchers) की टेस्ट लॉन्चिंग की निगरानी की। यह टेस्ट शनिवार (14 मार्च) को हुआ, और उनके साथ उनकी बेटी किम जू ए भी मौजूद थीं। राज्य मीडिया KCNA के अनुसार, 12 ऐसे अल्ट्रा-प्रिसिजन रॉकेट लॉन्चरों से रॉकेट दागे गए, जिन्होंने कोरिया के ईस्ट सी में लगभग 364.4 किलोमीटर दूर एक द्वीप लक्ष्य को 100% सटीकता से भारी नुकसान पहुंचाया।
किम जोंग उन ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह ड्रिल “420 किलोमीटर स्ट्राइक रेंज” के अंदर दुश्मनों में बेचैनी पैदा करेगा और उन्हें “टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों की विनाशकारी शक्ति” की गहरी समझ देगा। ये सिस्टम न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम माने जाते हैं।
यह टेस्ट क्यों हुआ?
यह टेस्ट ठीक उसी समय हुआ जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने दक्षिण कोरिया में अपनी सालाना बड़ी मिलिट्री ड्रिल्स (जैसे Ulchi Freedom Shield या इसी तरह की) शुरू कीं। उत्तर कोरिया इन्हें “आक्रामक युद्ध रिहर्सल” मानता है। पिछले हफ्ते किम की बहन किम यो जोंग ने इन ड्रिल्स की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि ये क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा हैं। उत्तर कोरिया ने कहा है कि अब से वो नियमित रूप से ऐसे ड्रिल्स करेगा ताकि युद्ध निरोधक क्षमता (war deterrence) की जांच हो सके।
दक्षिण कोरिया की रिपोर्ट
दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि उसी दिन दोपहर 1:20 बजे प्योंगयांग के पास से 10 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें पूर्वी तट की ओर दागी गईं, जो लगभग 350 किलोमीटर तक उड़ीं।
पृष्ठभूमि
उत्तर कोरिया पिछले 20 साल से ज्यादा समय से बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल टेस्ट कर रहा है ताकि न्यूक्लियर हथियार डिलीवर करने की क्षमता बढ़ा सके। संयुक्त राष्ट्र की कई प्रतिबंधों के बावजूद वो ये काम जारी रखे हुए है।



