इज़राइल के केंद्रीय बैंक ने शनिवार को स्पष्ट किया कि क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल संभावित आर्थिक प्रतिबंधों से बचने के लिए नहीं किया जा सकता। यह बयान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस प्रस्ताव की प्रतिक्रिया में आया है जिसमें उन्होंने वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था तैयार करने की बात कही थी। बैंक ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी “प्रतिबंधों को दरकिनार करने का रास्ता नहीं हो सकती।”
नेतन्याहू ने शुक्रवार को एक इज़राइली व्यापारिक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि संभावित आर्थिक और बैंकिंग प्रतिबंधों के लिए तैयार रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को एक आपातकालीन योजना बनाने का निर्देश दिया है, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी भी शामिल है। उन्होंने चेताया कि अमेरिकी सहायता बंद हो सकती है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पद छोड़ने के बाद वाशिंगटन का रुख बदल सकता है।
बैंक ऑफ इज़राइल ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए सही तरीका यह है कि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखे जाएं और प्रतिबंधों को रोकने पर ध्यान दिया जाए। बैंक ने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक नेतृत्व की जिम्मेदारी है और उसे इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।
विपक्षी नेता यायर लापिड ने नेतन्याहू के बयान की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, “नेतन्याहू का बयान पागलपन है, लेकिन यह सच है: अगर उनकी सरकार चुनी गई, तो सुरक्षा सहायता बंद हो जाएगी और इज़राइल पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।” पूर्व प्रधानमंत्री कार्यालय प्रमुख और विपक्षी यशर पार्टी के सह-संस्थापक योव होरोविट्ज़ ने भी आर्थिक परिणामों की चेतावनी दी।
यह पूरी बहस मंगलवार को होने वाले नेसेट चुनावों से तीन दिन पहले सामने आई है। इस बीच, गाजा युद्ध और पश्चिमी तट पर बस्ती गतिविधियों के कारण यूरोपीय संघ में इज़राइल के खिलाफ प्रतिबंधों की मांग तेज हुई है। सितंबर 2025 में यूरोपीय आयोग ने कुछ व्यापार प्राथमिकताओं को निलंबित करने का प्रस्ताव दिया था, जबकि मई 2026 में विदेश मंत्रियों ने बस्ती गतिविधियों से जुड़े संगठनों पर प्रतिबंधों पर सहमति जताई थी।
