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ISRO की बड़ी कामयाबी: GSLV-F17 ने लॉन्च किया भारत का सबसे भारी GEO इमेजिंग सैटेलाइट

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) ने 4 सितंबर 2026 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया। यह रॉकेट ईओएस-05 (जिसे जीआईसैट-1ए भी कहा जाता है) नामक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (सब-जीटीओ) में सफलतापूर्वक स्थापित करने में सक्षम रहा। यह आईएसआरओ का इस वर्ष का महत्वपूर्ण मिशन था और जीएसएलवी की 19वीं उड़ान थी। पूर्व आईएसआरओ अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे इस सफलता से बहुत खुश और रोमांचित हैं। उन्होंने बताया कि यह जीएसएलवी द्वारा अब तक का सबसे भारी उपग्रहों में से एक है, जिसका वजन लगभग 2367 किलोग्राम है।

ईओएस-05 भारत का पहला ऐसा इमेजिंग उपग्रह है जो जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट (लगभग 36,000 किलोमीटर ऊंचाई) से काम करेगा। यहां से यह पृथ्वी के एक बड़े क्षेत्र पर लगातार नजर रख सकेगा, जो निम्न पृथ्वी कक्षा (एलईओ) के उपग्रहों से अलग क्षमता प्रदान करता है। यह उपग्रह कृषि, वानिकी, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी और सीमाओं की रणनीतिक निगरानी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रक्षेपण के बाद उपग्रह को अपनी अंतिम कक्षा में पहुंचने के लिए कई ऑर्बिट रेजिंग मैन्युवर्स करने होंगे।

इस सफलता ने जीएसएलवी रॉकेट की विश्वसनीयता को फिर से साबित किया है, जिसे कभी ‘नॉटी बॉय’ कहा जाता था। आईएसआरओ अध्यक्ष वी. नारायणन ने भी इस उपलब्धि को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बड़ा कदम बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस सफल प्रक्षेपण की सराहना की। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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