अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने कांग्रेस को बताया है कि ईरान के साथ युद्ध पर अमेरिकी सेना का खर्च 16 अक्टूबर तक 47.1 अरब डॉलर हो चुका है। यह अनुमान यूएस सेंट्रल कमांड ने कांग्रेस को दिया है। यह आंकड़ा जुलाई के अनुमान से 25 प्रतिशत से अधिक है, जब रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने युद्ध की लागत 37.5 अरब डॉलर बताई थी।
पेंटागन के मुताबिक, इसमें से 29 अरब डॉलर से अधिक सिर्फ हथियारों और गोला-बारूद को बदलने पर खर्च किए गए हैं। इनमें एयर डिफेंस इंटरसेप्टर और बम शामिल हैं। सैन्य उपकरणों को बदलने पर अतिरिक्त 6.1 अरब डॉलर खर्च हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार यह आंकड़ा युद्ध की असली लागत से काफी कम हो सकता है, क्योंकि इसमें ईरानी हमलों में क्षतिग्रस्त हुए अमेरिकी ठिकानों की मरम्मत का खर्च शामिल नहीं है।
यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हवाई हमले किए थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू में कहा था कि यह युद्ध कुछ हफ्तों में खत्म हो जाएगा, लेकिन यह आठ महीने से जारी है। इस दौरान कम से कम 21 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है और 865 घायल हुए हैं।
युद्ध का असर अमेरिकी राजनीति पर भी पड़ रहा है। यह युद्ध अमेरिकियों के बीच बेहद अलोकप्रिय है और आने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पहले ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा था, “मुझे एक फैसला लेना है: क्या मैं इसे खत्म करूं, जो करना बहुत आसान होगा, या फिर मैं कोई सौदा करूं? हम खेल नहीं खेलते।”




