उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 56 लोगों की मौत हो गई है। राज्य के राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार शुक्रवार से रविवार सुबह तक 66.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से काफी अधिक थी। इस असाधारण भारी वर्षा से 46 लोग घायल हुए और एक हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए। बंगाल की खाड़ी से आए डिप्रेशन के कारण पूरे क्षेत्र में बारिश बढ़ गई।
उड़ीसा में भी भारी बरसात के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों के 70,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पुल और कलवर्ट क्षतिग्रस्त होने से देवकुंड जैसे पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए। भारत के सात राज्यों के 30 नदी निगरानी केंद्रों पर गंभीर स्थिति बनी हुई है। गंगा, गंडक, कोसी, बागमती और नर्मदा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
नेपाल में भी नए बाढ़ और भूस्खलन से गुरुवार से कम से कम 12 लोगों की जान चली गई है। इससे पहले अगस्त के अंत में आए विनाशकारी बाढ़ में 1,400 से अधिक लोग मारे गए थे। अधिकारियों ने देश के 77 में से 49 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी है। कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और राहुगंगा नदी की बाढ़ से एक जलविद्युत परियोजना को नुकसान पहुंचा है।
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार रसुवा और नुवाकोट जैसे पिछले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। दोनों देशों में मानसून के इस दौर ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है और राहत कार्य जारी हैं।




