अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ईरान पर “कल” ही हमला कर सकता है या तेहरान के साथ एक “बड़ा, सुंदर” समझौता कर सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की तैयारी कर रहे हैं और खबरें आ रही हैं कि उनका प्रशासन ईरान पर नए हमलों पर विचार कर रहा है।
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम इसे करने के बारे में सोच रहे हैं, और शायद कल।” उन्होंने कहा कि ईरान समझौता करके सैन्य कार्रवाई से बच सकता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह समझौते पर टिकेगा। ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है और पहले के बी-2 बमबारी अभियान को स्थायी नतीजे के लिए पर्याप्त नहीं बताया। उन्होंने कहा, “मुझे इसे स्थायी बनाना है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की खेप बढ़ी है, लेकिन कोई आंकड़ा नहीं दिया। ट्रंप ने कहा कि दोनों विकल्प खुले हैं और उन्होंने अंतिम फैसला नहीं लिया है।
इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक ईरान ने अमेरिका और इजरायल के नए हवाई अभियान पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने कूटनीतिक संदेशों में कहा है कि वह अमेरिकी ठिकानों और युद्धपोतों के अलावा ऊर्जा ढांचे, गैस पाइपलाइनों, हवाई अड्डों और फारस की खाड़ी क्षेत्र में अन्य नागरिक ठिकानों को भी निशाना बना सकता है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने परमाणु बमों समेत नए हथियारों के इस्तेमाल की धमकी भी दी है।
ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक ईरानी संसद की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के प्रमुख मोहम्मद-सालेह जोकर ने कहा, “अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की स्थिति में इस्लामी गणराज्य के अधिकारी देश की रक्षा और निवारण के लिए परमाणु हथियारों समेत निवारक हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति देंगे।” उन्होंने अमेरिका पर हमले की स्थिति में परमाणु अप्रसार संधि के साथ ईरान के सहयोग को निलंबित करने की मांग की। जोकर ने यह भी कहा कि जो देश अपने क्षेत्र या हवाई क्षेत्र में अमेरिका को जगह देते हैं, उन्हें “कड़ा जवाब” मिलेगा और “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी।




